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Urad Procurement : यूपी के किसानों को उड़द का NAFED से मिलेगा ₹7800/क्विंटल भाव, 50 केंद्र खुलेंगे
Urad procurement, Urad Dal Kharid On MSP in UP- नेफेड यूपी के 17 जिलों में 50 उड़द खरीद केंद्र खोल रहा है। MSP ₹7,800 प्रति क्विंटल, पंजीकरण शुरू, फसल बेचने के 3 दिन में भुगतान। आत्मनिर्भर दाल योजना के तहत 29 जनवरी 2026 तक खरीद। किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी।
Exclusive: यूपी के किसानों के लिए बड़ा तोहफा! अभी कराएं रजिस्ट्रेशन, MSP पर उड़द बेचकर हो जाएंगे मालामाल
Urad procurement- अगर आप उत्तर प्रदेश के इन 17 जिलों में से किसी में रहते हैं और उड़द की खेती करते हैं, तो ये खबर सिर्फ आपके लिए है। नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) ने अभी-अभी 50 केंद्र खोलने का ऐलान किया है, जहां आप सीधे अपनी फसल बेच सकते हैं। बिचौलियों से छुटकारा और MSP पर गारंटीड पैसा – ये दोनों फायदे एक साथ मिलेंगे।
कितना मिलेगा दाम और पैसा कब तक?
आपको हर क्विंटल उड़द के लिए 7,800 रुपये मिलेंगे। ये दाम सरकार द्वारा तय किया गया [Urad MSP 7800] है, इसलिए बाजार की उतार-चढ़ाव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सबसे बड़ी बात – फसल बेचने के बाद आपको महीनों इंतजार नहीं करना होगा। नेफेड ने साफ कहा है कि तीन कार्य दिवसों के भीतर पूरा पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगा।
रजिस्ट्रेशन शुरू, जल्दी करें तो जल्दी मिलेगा लाभ
नेफेड ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो तुरंत कराएं। बयान में साफ कहा गया है कि जैसे ही पंजीकरण पूरा होगा, खरीद प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अपनी उपज बेचने के लिए बस तय प्रक्रिया को फॉलो करके पंजीकरण कराएं।
किन-किन जिलों में खुल रहे हैं केंद्र?
ध्यान दें, ये सुविधा पूरे यूपी में नहीं, सिर्फ 17 विशेष जिलों में मिलेगी। इन जिलों को उड़द उत्पादन वाले क्षेत्रों के तौर पर चुना गया है:
- बुंदेलखंड: ललितपुर, झांसी, महोबा, जालौन, हमीरपुर
- रोहिलखंड: बदायूं, बरेली, हरदोई, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर
- अवध: उन्नाव, लखनऊ, सीतापुर
- पूर्वांचल: सोनभद्र
कुल मिलाकर 50 केंद्र इन जिलों में खोले जाएंगे। आप अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर फसल बेच सकेंगे।
आत्मनिर्भर दाल योजना का सीधा फायदा
ये पूरी खरीद [Aatmanirbhar Dal Yojana] के तहत होगी। इस योजना का मकसद साफ है – किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना। नेफेड ने साफ किया है कि 29 जनवरी 2026 तक ये खरीद प्रक्रिया जारी रहेगी। इसलिए आपके पास काफी समय है, लेकिन जल्दी करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
कौन संभाल रहा है पूरी प्रक्रिया?
इस पहल को सफल बनाने के लिए नेफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल खुद निर्देशन दे रहे हैं। राज्य प्रमुख रोहित जैमन का कहना है कि पूरी कोशिश है कि यूपी का हर पात्र किसान इस योजना का लाभ उठा सके। खरीद प्रक्रिया को तेज, सरल और किसान-केंद्रित बनाया गया है।
- तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन कराएं
- बैंक खाते की जानकारी सही रखें
- फसल की गुणवत्ता बनाए रखें
- नजदीकी केंद्र का पता कर लें
- कोई भी दस्तावेज मांगे जाने पर तुरंत दिखाएं
ये पहल उत्तर प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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