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क्या सोयाबीन बाजार में रिकवरी की उम्मीद बची है? जानें ताजा हाल


विदेशी बाजारों से खाद्य तेलों के बढ़ते आयात और सोयमील के निर्यात में कमी के चलते सोयाबीन बाजार कमजोर हो रहा है। घरेलू बाजार में डीडीजीएस (Distillers Dried Grains with Solubles) की मांग बढ़ने से भी सोयमील की खपत प्रभावित हुई है।

मुख्य बिन्दु

बढ़ते आयात ने क्रशिंग को कमजोर किया

सोया तेल के आयात में तेजी से घरेलू क्रशिंग पर दबाव बढ़ा है। अक्टूबर-नवंबर में 19.5 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग हुई, जो पिछले साल इसी अवधि में 23.5 लाख टन थी। इसका प्रमुख कारण यह है कि सस्ते आयातित तेल ने घरेलू बाजार की मांग को प्रभावित किया है।

सोयमील निर्यात में गिरावट

अक्टूबर-नवंबर में सोयमील का निर्यात केवल 2.41 लाख टन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37% कम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोयमील से 50-60 डॉलर प्रति टन सस्ता सोयमील उपलब्ध होने के कारण निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

स्टॉक की स्थिति

दिसंबर की शुरुआत में देश में 101.29 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक उपलब्ध था। हालांकि, यह पिछले वर्ष के समान अवधि के 105.658 लाख टन से कम है। पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद तेल और सोयमील के कमजोर भाव के कारण प्लांट ऊंचे दाम पर खरीदारी करने से बच रहे हैं।

तकनीकी विश्लेषण

सोयाबीन बाजार तकनीकी दृष्टि से 4,340 रुपये प्रति क्विंटल पर सपोर्ट लेवल पर है। इस स्तर से कीमतों में 4,500 रुपये तक अस्थाई रिकवरी की उम्मीद है। यदि कीमतें 4,500 रुपये के ऊपर जाती हैं, तो आगे तेजी देखने को मिल सकती है।

  • सपोर्ट लेवल: महाराष्ट्र कीर्ति प्लांट में सोयाबीन 4,340 रुपये पर सपोर्ट लेवल पर है।
  • संभावित रिकवरी: 4,340 से 4,500 रुपये तक अस्थाई तेजी आ सकती है। यदि बाज़ार 4,500 के ऊपर जाता है तो आगे तेजी देखने को मिल सकती है।

एसोसिएशन की मांग: वायदा प्रतिबंध हटे

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत सरकार ने तीन साल पहले सात प्रमुख एग्री कमोडिटी – चावल, गेहूं, चना, मूंग, सरसों, सोयाबीन और क्रूड पॉम ऑयल – की फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था। सातों एग्री कमोडिटी पर फ्यूचर्स ट्रेडिंग का प्रतिबंध 20 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या इन कमोडिटी की फ्यूचर्स ट्रेडिंग फिर से शुरू की जाएगी या प्रतिबंध को आगे बढ़ाया जाएगा।

हालांकि सोयाबीन की कीमतों में स्थिरता लाने के लिए एसोसिएशन ने सरकार से वायदा व्यापार पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निवेदन किया है। सरकार के इस दिशा में उठाए गए कदम भविष्य में बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।

सप्ताह के भाव

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 75 रुपये और 10 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 4,225-4,275 रुपये और 3,925-4,025 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

  • सोयाबीन दाना: 4,225-4,275 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन लूज: 3,925-4,025 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन दिल्ली: 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन इंदौर: 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।
  • सोयाबीन डीगम: 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।

व्यापारियों के लिए सलाह

सोयाबीन बाजार अभी दबाव में है, लेकिन सपोर्ट लेवल के आसपास रिकवरी की संभावना है। व्यापारी अपनी रणनीति सावधानीपूर्वक बनाएं और बाजार के रुझान के अनुसार निर्णय लें।



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