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खाद्य तेल बाजार अपडेट: पाम ऑयल ने दिखाई तेजी लेकिन स्टॉक का दबाव-आगे क्या होगा? पढ़े ये रिपोर्ट


Edible Oil Market News 7 November 2025: खाद्य तेल बाजार में मिली-जुली चाल देखने को मिल रही है। पाम ऑयल में कल हल्की तेजी आई, जबकि अन्य तेलों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहा। मलेशिया के बाजार में क्रूड पाम ऑयल (CPO) के जनवरी कॉन्ट्रैक्ट 49 रिंगिट बढ़कर 4,149 रिंगिट प्रति टन पर बंद हुए। चीन से सोयाबीन खरीद की सहमति, कच्चे तेल की मजबूत कीमतें, और दलियान मार्केट में खरीदारी इसके मुख्य कारण रहे। लेकिन मलेशिया में बढ़ता उत्पादन और स्टॉक का दबाव तेजी को सीमित रखे हुए है। जानें विस्तार से—खाद्य तेल के बाजार में क्या हो रहा है, किन कारणों से कीमतें बदल रही हैं, और आने वाले दिनों में क्या हो सकता है।

मुख्य बिन्दु

पाम ऑयल में हल्की रिकवरी, लेकिन बड़ी उम्मीद नहीं

पाम ऑयल के वायदा अनुबंध में कल सकारात्मक गति दिखी। मलेशिया में जनवरी डिलीवरी के लिए क्रूड पाम ऑयल 49 रिंगिट प्रति टन बढ़कर 4,149 रिंगिट पर पहुंचा। इसके पीछे तीन मुख्य वजहें हैं- डालियान बाजार में मजबूत खरीदारी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, और चीन की ओर से आने वाली खरीद की खबरें। हालांकि, यह तेजी अस्थायी साबित हो सकती है क्योंकि मलेशिया में उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और गोदामों में स्टॉक पर्याप्त है।

उत्पादन में 6.8% की बढ़ोतरी-तेजी के लिए बाधा

मलेशिया के SPPOMA (सस्टेनेबल पाम ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन) के 1 नवंबर के आंकड़ों से साफ है कि उत्पादन में 6.8% की दर से वृद्धि हो रही है। साथ ही, OER (ऑयल एक्सट्रैक्शन रेट) में भी सुधार दर्ज हुआ है। इसका मतलब है कि नवंबर का उत्पादन अक्टूबर से ज्यादा रहेगा, जिससे बाजार पर दबाव बना रहेगा। इसी वजह से कुलालालपुर के KLC बाजार में दिसंबर वायदा 0.15% की मंदी के साथ खुला।

चीन के बाजार ने दिया बाहरी सहारा

चीन के डालियान कमोडिटी एक्सचेंज (DCE) में पाम ऑयल और सोया ऑयल दोनों में तेजी दिख रही है, जिससे मलेशिया के बाजार को बाहरी ताकत मिल रही है। साथ ही, चीन के 1.2 करोड़ टन अमेरिकी सोयाबीन खरीद की सहमति से सेंटीमेंट बेहतर हो गया है, भले ही 13% इम्पोर्ट टैक्स लगने से इसका असर पूरी तरह नहीं दिख पा रहा।

अमेरिका में सोया ऑयल की मजबूती

शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर दिसंबर महीने का सोया ऑयल 50 सेंट प्रति पाउंड से ऊपर बंद हुआ, जो लगभग एक महीने की सर्वोच्च कीमत है। इसके पीछे अमेरिका के बायोडीजल की मांग है, जो सोया ऑयल की कीमतों को सहारा दे रही है। घरेलू स्तर पर भारत में सोया तेल ₹1210–₹1220 प्रति 10 किलो लूज के दायरे में है, जबकि ब्रांडेड तेल लगभग स्थिर हैं।

सूरजमुखी तेल- सीमित सप्लाई से कीमतें टिकी हुई हैं

[सूरजमुखी तेल] की सप्लाई सीमित बनी हुई है, जिससे कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। लेकिन ऊपरी स्तर पर महंगे दामों के कारण खरीद में कमी दिख रही है, जिसके कारण बाजार में ताकत का अभाव नहीं, बल्कि खरीदारों में संकोच दिख रहा है।

सरसों का तेल- शादियों के सीजन की प्रतीक्षा में

सरसों के तेल में मांग फिलहाल सीमित है और कीमतें लगभग स्थिर हैं। कोटा, बूंदी, भरतपुर और गंगापुर जैसे खरीद-बिक्री के मुख्य केंद्रों में कच्ची घानी सरसों तेल ₹1450–₹1470 प्रति 10 किलो पर चल रहा है। लेकिन ठंड का मौसम शुरू हो गया है और अगले कुछ हफ्तों में शादियों का सीजन भी शुरू होने वाला है, जिससे खपत बढ़ेगी। यह सीजनल खरीदारी आने वाले 4–5 दिनों में हल्की तेजी 4–5 रुपये प्रति किलो ला सकती है।

बाजार की नजर 10 नवंबर की MPOB रिपोर्ट पर

फिलहाल खाद्य तेल बाजार रेंज-बाउंड मूड में है, यानी कीमतें एक निश्चित दायरे में घूम रही हैं। ट्रेडर्स की निगाह अब 10 नवंबर को आने वाली मलेशिया पाम ऑयल बोर्ड (MPOB) की रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि यह रिपोर्ट आने वाले कारोबार की दिशा तय करेगी।

आगे क्या हो सकता है? हल्की रिकवरी की संभावना

कुल मिलाकर, खाद्य तेल बाजार में इस समय विवाह-शादियों के सीजन की वजह से हल्की-फुल्की मजबूती दिख रही है। सरसों, सोया और सूरजमुखी तेल में स्थानीय खपत बढ़ेगी। हालांकि, पाम ऑयल के बढ़ते उत्पादन और अंतर्राष्ट्रीय बाजार के दबाव से बड़ी तेजी की संभावना कम है। बाजार हल्की रिकवरी कर सकता है, लेकिन इसकी दिशा और गति मुख्य रूप से मलेशिया से आने वाले उत्पादन आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

डिस्क्लेमर – व्यापार आपने विवेक से करें।





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