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ब्रेकिंग: हनुमानगढ़ एथेनॉल फैक्ट्री पर 3 दिन के बवाल के बाद बनी बात, लेकिन किसानों ने कहा – ‘लड़ाई खत्म नहीं हुई!’


Hanumangarh Ethanol Factory Update- तीन दिनों से आग की लपटों में धधक रहा हनुमानगढ़ का राठीखेड़ा (टिब्बी) इलाका अब शांत होने की उम्मीद दिख रहा है। 10 दिसंबर को [Ethanol Factory] के विरोध में हुए बवाल, आगजनी और लाठीचार्ज के बाद से प्रशासन और किसान आमने-सामने थे, लेकिन शुक्रवार शाम हुई वार्ता ने रास्ता निकाल लिया है। हालांकि, किसानों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

धरने-प्रदर्शन के बाद बनी बात

12 दिसंबर की शाम जिला कलेक्ट्रेट में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सादुलशहर के विधायक गुरवीर सिंह बराड़ की पहल पर 15 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई, लेकिन आखिरकार चार अहम बिंदुओं पर सहमति बन गई। इस सहमति ने तीन दिन से तनातनी वाले माहौल में एक नई रोशनी दिखाई।

जांच के लिए प्रशासन ने दी लिखित गारंटी

  • [Factory Standards Investigation]: फैक्ट्री के मानकों की पूरी जांच होगी
  • [Environmental Impact Assessment]: पर्यावरणीय प्रभाव की उच्चस्तरीय जांच होगी
  • [Groundwater Impact Study]: भूजल पर पड़ने वाले असर की भी गहराई से जांच होगी
  • [Construction Work Halt]: जांच पूरी होने तक फैक्ट्री परिसर में सभी प्रकार का निर्माण कार्य रोक दिया जाएगा

जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने इन सहमतियों को लिखित रूप में किसान प्रतिनिधिमंडल को सौंपा। इस कागज पर हस्ताक्षर होते ही किसानों के चेहरों पर थोड़ी राहत दिखी।

अधिकारियों और नेताओं की मौजूदगी में हुई बातचीत

इस बैठक में प्रशासन का पूरा कुनबा मौजूद था। एडीजी वी.के. सिंह, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, जिला कलेक्टर खुशाल यादव, एसपी हरी शंकर समेत जिले के कई अधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक दलों से भाजपा विधायक गुरवीर बराड़, भाजपा प्रदेश मंत्री विजेंद्र पुनिया, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची और गुरदीप शाहपिनी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू और देवेंद्र पारीक शामिल हुए। सबने मिलकर किसानों की आशंकाओं को समझा और समाधान पर मुहर लगाई।

किसान प्रतिनिधि का जवाब: लड़ाई अभी खत्म नहीं

वार्ता के बाद किसान प्रतिनिधि कामरेड जगजीत सिंह ‘जग्गी’ ने साफ कहा, “प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई है, लेकिन 17 दिसंबर की किसान महापंचायत यथावत रहेगी। उसी दिन आंदोलन की आगे की रणनीति तय होगी।” उनके शब्दों से साफ था कि किसान अभी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हुए हैं। वे जांच के नतीजों का इंतजार करेंगे, फिर आगे का फैसला लेंगे।

Tibbi Ethanol Factory

कब तक शांत होगा माहौल?

सहमति बनने के बाद राठीखेड़ा और आसपास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से बना तनाव अब काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल की भारी तैनाती है, लेकिन माना जा रहा है कि स्थिति सामान्य होने पर टिब्बी क्षेत्र में तैनात भारी पुलिस जाप्ता जल्द घटाया जा सकता है। स्थानीय लोग इंटरनेट बंदी और सख्त पुलिस जांच से परेशान थे, अब उन्हें भी राहत मिलने की उम्मीद है।

इंटरनेट बंदी पर भी उठे सवाल

क्षेत्र में पिछले तीन दिन से बंद पड़ी मोबाइल इंटरनेट सेवा ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। सहमति के बाद अब इंटरनेट बहाली की उम्मीद बढ़ गई है। जिला प्रशासन जल्द स्थितियों की समीक्षा के बाद इंटरनेट सेवा बहाली के आदेश जारी कर सकता है। इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन पेमेंट से लेकर छोटे-बड़े सभी काम प्रभावित हो रहे थे।

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