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इंतजार ख़त्म! MSP खरीद पर सरकार ने दी हरी झंडी, अब किसानों को मिलेगा पूरा भाव
Farmer MSP Update In Rajasthan: सरकार ने आखिरकार मूंग और मूंगफली की MSP खरीद को मंजूरी दे दी है। 24 नवंबर से शुरू होकर 90 दिन तक चलने वाली इस खरीद में बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। राजस्थान में लाखों किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है और उन्हें इस बार उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
Farmer MSP Update In Rajasthan- किसानों के लिए राहत से भरी बड़ी खबर है। कई हफ्तों की देरी, लगातार बढ़ती बेचैनी और बाजार में औने-पौने दामों के बीच आखिरकार सरकार ने मूंग, मूंगफली, सोयाबीन और उड़द की MSP खरीद को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला न केवल सीकर जिले बल्कि पूरे राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। खासकर उन किसानों के लिए, जो इस खरीफ सीजन में खराब मौसम, गिरती मार्केट कीमतों और आर्थिक दिक्कतों के बावजूद मेहनत से तैयार फसल को सही दाम न मिलने की चिंता से घिरे हुए थे।
सरकार ने घोषणा की है कि 24 नवंबर से शुरू होने वाली खरीद पूरे 90 दिनों तक चलेगी, और इस बार सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। MSP पर खरीद का यह अपडेट किसानों की आर्थिक सुरक्षा, फसल मूल्य स्थिरता और कृषि क्षेत्र के भरोसे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आखिर कब से शुरू होगी खरीद?
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 24 नवंबर से आधिकारिक रूप से मूंग और मूंगफली की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह देरी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सामान्यत: खरीफ फसलों की खरीद 1 नवंबर से शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार लगभग तीन सप्ताह की देरी से किसान परेशान थे।
कई किसान मजबूरी में पहले ही फसल बाजार में औने-पौने दामों पर बेच चुके हैं। अनुमान है कि लगभग 70% किसानों ने समय पर खरीद शुरू न होने के कारण फसल बाजार में उतार दी, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान बची हुई उपज को MSP पर बेचने की तैयारी में हैं।
कहां-कहां बनाए गए खरीद केंद्र?
सीकर जिले में इस बार बड़े पैमाने पर खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि किसान बिना परेशानी के फसल बेच सकें। प्रमुख केंद्र इस प्रकार हैं—
- सीकर
- दांतारामगढ़
- श्रीमाधोपुर
- खंडेला
- लक्ष्मणगढ़
- फतेहपुर
- नीमकाथाना
इन केंद्रों में हजारों किसान पहले ही रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
क्या नया है इस MSP खरीद में? (What’s New)
इस बार सरकार ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। सबसे बड़ा बदलाव— अब MSP खरीद केवल बायोमीट्रिक सत्यापन से होगी
- OTP वेरिफिकेशन हटाया गया है
- किसान को मशीन पर फिंगरप्रिंट देना होगा
- इससे फर्जीवाड़ा और बोगस पंजीयन पर प्रभावी रोक लगेगी
यह सुधार पिछली बार सामने आए बड़े घोटालों और फर्जी गिरदावरी के मामलों को देखते हुए बेहद जरूरी था।
कितनी फसल खरीदने का लक्ष्य तय हुआ है?
राजस्थान में इस साल खरीफ फसलों की MSP खरीद के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर लक्ष्य निर्धारित किए हैं—
- मूंग: 3,05,750 मीट्रिक टन
- उड़द: 1,68,000 मीट्रिक टन
- मूंगफली: 5,54,750 मीट्रिक टन
- सोयाबीन: 2,65,000 मीट्रिक टन
इतनी बड़ी खरीद क्षमता किसानों को सीधी राहत देगी और बाजार के उतार-चढ़ाव को संतुलित करेगी।
कितने किसानों ने करवा लिया रजिस्ट्रेशन?
सहकारिता विभाग के अनुसार अब तक—
- 97,000+ किसान मूंग के लिए
- 1.87 लाख किसान मूंगफली के लिए
- 26,000+ सोयाबीन किसान
- 1,681 उड़द किसान
रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि MSP खरीद शुरू होने का किसान कितने बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
MSP रेट कितना तय हुआ है?
सरकार ने इस खरीफ सीजन के लिए जिन समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) को मंजूरी दी है, वे इस प्रकार हैं—
- मूंग: ₹8,768 प्रति क्विंटल
- मूंगफली: ₹7,263 प्रति क्विंटल
- उड़द: ₹7,800 प्रति क्विंटल
- सोयाबीन: ₹5,328 प्रति क्विंटल
कई किसानों ने कहा कि बाज़ार में इन फसलों की कीमत इससे काफी कम चल रही थी, इसलिए MSP पर बेचने से उन्हें बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा।
फर्जी पंजीयन पर अब सख्त कार्रवाई—ये जिले आए रडार पर
बीकानेर और चूरू में की गई जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
- बीकानेर में 5,954 फर्जी पंजीयन
- चूरू में 9,819 फर्जी पंजीयन
दोनों जिलों में मिले इन रिकॉर्ड्स को तुरंत रद्द कर दिया गया है। राजफैड ने नए दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि—
“किसी भी पात्र किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नए रजिस्ट्रेशन भी लिए जाएंगे।”
किसानों को इस बार कितना फायदा होगा?
सीकर जिले में कृषि विभाग ने बताया कि इस सीजन में कुल उपज 14,042 टन के आसपास रही है। राजफैड नियमों के अनुसार किसी जिले में कुल उपज के 25% तक ही सरकारी खरीद की अनुमति है। इस हिसाब से सीकर जिले में लगभग 3,508 टन फसल सरकारी खरीद में शामिल होगी।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि कम से कम कुछ किसानों को MSP का पूर्ण लाभ मिलेगा, जबकि बाकी किसानों को जल्दी बिक्री करनी होगी, वरना वे मौका चूक सकते हैं।
लंबे इंतजार के बाद जब आदेश जारी हुए तो किसान संगठनों ने राहत की सांस ली। कई किसान पहले ही कम कीमत पर सौदा कर चुके हैं, इसलिए MSP खरीद उनके बचे हुए स्टॉक को फायदा दे सकती है। मौजूदा बाजार में मूंग और मूंगफली का दाम MSP से 1,000–1,800 रुपये तक कम चल रहा है। ऐसे में MSP लागू होना किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का बड़ा अवसर है।
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